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रात्रि पाली

रात्रि पाली (नाइट शिफ़्ट) वह शिफ़्ट है जो रात के घंटों में — आम तौर पर आधी रात के आर-पार — चलती है। होटल, अस्पताल, सुरक्षा और चौबीसों घंटे चलने वाले कारखानों में यह रोज़ की हक़ीक़त है, और कानून इस पर कुछ ख़ास नियम लगाता है।

भारत में रात्रि पाली के नियम

कारखाना अधिनियम 1948 के अनुसार जो शिफ़्ट आधी रात के बाद तक चलती है, उसके लिए साप्ताहिक अवकाश और 'दिन' की गिनती शिफ़्ट ख़त्म होने के हिसाब से की जाती है — यानी रात की पाली के बाद के घंटे पिछले दिन में गिने जाते हैं। काम के घंटे, विश्राम और ओवरटाइम के सामान्य नियम रात में भी पूरी तरह लागू रहते हैं।

  • महिलाओं की रात्रि पाली पर ऐतिहासिक रोक रही है, जिसे अधिकांश राज्यों ने सुरक्षा-शर्तों के साथ शिथिल किया है — विवरण के लिए अलग पन्ना देखें।
  • दुकानों-रेस्तरां के खुलने-बंद होने के घंटे राज्य के दुकान एवं स्थापना अधिनियम से तय होते हैं।
  • रात का अलग भत्ता (नाइट अलाउंस) केंद्रीय कानून से अनिवार्य नहीं है — यह नियोक्ता की नीति या समझौते से तय होता है।

रोस्टर बनाते समय ध्यान रखें

रात की पालियों के बीच पर्याप्त आराम दें, लगातार कई रातें एक ही व्यक्ति पर न डालें, और शिफ़्ट बदलने (रोटेशन) का क्रम पहले से बताएँ — थकान कम होगी और टीम टिकेगी।

कारखाना अधिनियम 1948 (धारा 57 आदि) — रात्रि पाली में साप्ताहिक अवकाश व दिन की गिनती; दुकानों-प्रतिष्ठानों के घंटे राज्य के दुकान एवं स्थापना अधिनियम से तय होते हैं।

Tommy में रात की शिफ़्टें भी रोस्टर पर साफ़ दिखती हैं और हर कर्मचारी के कुल घंटे अपने आप जुड़ते हैं — रोटेशन की योजना बनाना आसान हो जाता है।

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