हाज़िरी रजिस्टर
हाज़िरी रजिस्टर (मस्टर रोल) वह रिकॉर्ड है जिसमें हर कर्मचारी की उपस्थिति, काम के घंटे, ओवरटाइम और छुट्टियाँ दर्ज होती हैं। भारत के श्रम कानूनों में यह सिर्फ़ अच्छी प्रथा नहीं, कानूनी अनिवार्यता है — निरीक्षक सबसे पहले यही माँगता है।
भारत में कौन-से रिकॉर्ड ज़रूरी हैं
- कारखाना अधिनियम 1948 — वयस्क कर्मचारियों का रजिस्टर, हाज़िरी और ओवरटाइम का ब्योरा।
- राज्य के दुकान एवं स्थापना अधिनियम — दुकानों, रेस्तरां और दफ़्तरों के लिए हाज़िरी, छुट्टी और वेतन रजिस्टर।
- न्यूनतम मजदूरी व अन्य नियम — मजदूरी रजिस्टर, ओवरटाइम रजिस्टर और वेतन पर्ची।
- ठेका श्रमिकों के लिए ठेकेदार और प्रधान नियोक्ता दोनों पर अलग रजिस्टर-दायित्व।
कई राज्यों और केंद्रीय 'ईज़ ऑफ़ कंप्लायंस' नियमों के तहत संयुक्त रजिस्टर व इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड मान्य हैं — शर्त यह कि माँगने पर तुरंत प्रस्तुत किए जा सकें। रिकॉर्ड कितने साल सँभालने हैं, यह कानून-दर-कानून अलग है; अपने राज्य के नियम देखें।
व्यवहार में
सही रिकॉर्ड ओवरटाइम, छंटनी मुआवज़े और पीएफ-ईएसआई — हर गणना की नींव है। काग़ज़ी रजिस्टर की जगह डिजिटल टाइम-क्लॉक अपनाने से समय भी बचता है और आँकड़ों पर भरोसा भी बढ़ता है।
कारखाना अधिनियम 1948, राज्य के दुकान एवं स्थापना अधिनियम तथा न्यूनतम मजदूरी नियम — हाज़िरी, मजदूरी व ओवरटाइम रजिस्टर अनिवार्य; कई राज्यों में इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड मान्य।
Tommy की टाइम-क्लॉक हर पंच को समय-मुहर के साथ दर्ज करती है, जिससे आपका हाज़िरी रिकॉर्ड अपने आप बनता रहता है और निरीक्षण के लिए हमेशा तैयार रहता है।