Glossary
‹ Resources

अवकाश के प्रकार

भारत में कर्मचारियों की छुट्टियाँ कई श्रेणियों में बँटी होती हैं, और हर श्रेणी का स्रोत अलग कानून है। निजी क्षेत्र में अवकाश का मुख्य आधार राज्य का दुकान एवं स्थापना अधिनियम (दुकानों-दफ़्तरों के लिए) या कारखाना अधिनियम 1948 (कारखानों के लिए) है — इसलिए संख्या राज्य-दर-राज्य बदलती है।

मुख्य प्रकार

  • अर्जित अवकाश (EL/PL): काम किए दिनों के आधार पर 'कमाई' जाने वाली सवेतन छुट्टी — आम तौर पर आगे ले जाई (कैरी-फ़ॉरवर्ड) जा सकती है और नौकरी छोड़ने पर बची छुट्टी का नक़दीकरण (एनकैशमेंट) होता है।
  • आकस्मिक अवकाश (CL): अचानक के कामों के लिए थोड़े दिन — ज़्यादातर राज्यों में आगे नहीं ले जाई जाती।
  • बीमारी अवकाश (SL): बीमारी के लिए सवेतन छुट्टी; ईएसआई-कवर कर्मचारियों के लिए बीमारी का नक़द लाभ ईएसआई से मिलता है।
  • मातृत्व अवकाश: मातृत्व लाभ अधिनियम 1961 (संशोधित 2017) के तहत सवेतन अवकाश — यह केंद्रीय कानून है, राज्य पर निर्भर नहीं।
  • राष्ट्रीय व त्योहार अवकाश: अलग पन्ने पर देखें।

नियोक्ता के लिए व्यावहारिक बातें

हर श्रेणी की संख्या, कैरी-फ़ॉरवर्ड की सीमा और एनकैशमेंट का नियम अपने राज्य के अधिनियम से मिलाएँ, छुट्टी का रजिस्टर अद्यतन रखें और नीतियाँ नियुक्ति-पत्र में लिखें — आधी उलझनें वहीं सुलझ जाती हैं।

राज्य के दुकान एवं स्थापना अधिनियम, कारखाना अधिनियम 1948 (धारा 79: अर्जित अवकाश) तथा मातृत्व लाभ अधिनियम 1961 — श्रेणियाँ और संख्या क्षेत्र व राज्य के अनुसार अलग।

Tommy में छुट्टी के आवेदन और स्वीकृतियाँ ऐप में ही दर्ज होती हैं, जिससे हर कर्मचारी का अवकाश-बैलेंस साफ़ रहता है और रोस्टर में टकराव पहले ही दिख जाता है।

संबंधित शब्द